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 वायरसों का बाप स्टक्सनेट

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khan
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PostSubject: वायरसों का बाप स्टक्सनेट   Tue Dec 14, 2010 7:55 pm

स्टक्सनेट एक ऐसा वायरस (विंडोज वार्म) है जिसके बारे में कहा जा रहा है कि उसे किसी बड़े आतंकवादी संगठन अथवा किसी देश की सरकार ने बनवाया है। स्टक्सनेट कोई एक साल पहले तैयार किया गया और पहले पहल जुलाई 2010 में बेलारूस की इंटरनेट सिक्योरिटी कंपनी वाइरस-ब्लॉक-एडीए ने पकड़ा।

विशेषज्ञों का कहना है कि इससे पहले इस तरह का खतरनाक वायरस कभी देखा नहीं गया। स्टक्सनेट के सामने अब तक जारी सारे के सारे वायरस बच्चों के खिलौनों की तरह हैं। इसे बनाने में 10 व्यक्ति-वर्ष (10 व्यक्ति लगातार काम करें तो एक वर्ष में बनेगा) की ताकत लगी है। साथ ही आला दर्जे के प्रशिक्षित प्रोग्रामरों और हैकरों और अंदर तक की रखने वालों ने इसे मिलजुल कर बनाया है।

यह कंप्यूटर में पहले पहल यूएसबी से इंस्टॉल हो जाता है। कंप्यूटर में चाहे जैसी सुरक्षा हो, इसमें चार तरह की कंप्यूटर सुरक्षा खामियों के जरिए सेंध लगाने की ताकत रखता है - और फिर नेटवर्क के सहारे खुद ही फैलता है और पीटूपी प्रोटोकल (टॉरेंट की तरह) के जरिए स्वत: अपडेट भी होते रहता है।

विदेशी हाथ?
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि इसके पीछे किसी देश का हाथ है। उंगली इजराइल और अमेरिका की ओर उठ रही है क्योंकि प्रथम दृष्टि में ईरान का बुशेहर स्थित न्यूक्लियर पावर प्लांट का नाम आ रहा है। वहीं कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के इनसेट उपग्रह के जुलाई में फेल होने के पीछे भी स्टक्सनेट का हाथ हो सकता है, और जाहिर है, ऐसे में इस वायरस को तैयार करने में उंगली चीन की ओर भी उठ रही है।

यह कंप्यूटर में एक सुरक्षित ड्राइवर की तरह इंस्टाल होता है और अपने आप को छुपा लेता है। बाद में स्वयं को मिटा भी सकता है। इसके लिए इस वायरस ने रीयलटैक व जेमाइक्रन के सुरक्षा सर्टिफिकेटों को चोरी किया।

स्टक्सनेट क्या कर सकता है?
यदि आप एक सामान्य कंप्यूटर प्रयोक्ता हैं और आपके कंप्यूटर में स्टक्सनेट वायरस अपनी घुसपैठ बना लेता है तो भी आप निश्चिंत रहें कि यह आपको कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता। दरअसल, इसे डिजाइन ही इस विशिष्ट तरह से किया गया है कि यह कंप्यूटर को संक्रमित करने के बाद यह कंप्यूटर से जुड़े विशिष्ट कंपनी (सीमेंस) के प्रोग्राम लॉजिक कंट्रोलरों को ढूंढ़ता है।

यदि उसे यह लॉजिक कंट्रोलर नहीं मिलता तो यह कुछ नहीं करता और आसपास के नेटवर्क से जुड़े कंप्यूटरों में फैलने की कोशिश करता है। यदि उसे यह विशिष्ट प्रोग्राम लॉजिक कंट्रोलर मिल जाता है तो उसके सॉफ्टवेयर (फर्मवेयर) को मिटाकर अपना स्वयं का वर्जन डाल देता है जिससे लॉजिक कंट्रोलर से जुड़े उपकरण सामान्य तरीके से काम करने के बजाए वायरस में दिए नए निर्देशों के अनुसार चलें।

एंटीवायरस कंपनियों तथा कंप्यूटर सुरक्षा विशेषज्ञों द्वारा किए गए लंबे परीक्षणों से अंतत: यह सिद्ध होता है कि स्टक्सनेट को ईरान के बुशेहर न्यूक्लियर रिएक्टर प्लांट में खराबी लाने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे ईरान अणुबम के लिए आवश्यक ईंधन न बना सके, परंतु जैसा कि स्टक्सनेट ने कर दिखाया है, इसे या इस तरह के वायरसों को अन्य लक्ष्यों के लिए अब आसानी से रीडिजाइन किया जा सकता है।

स्टक्सनेट से संभावित खतरे
स्टक्सनेट के सिलसिले में इंटरनेट व कंप्यूटर के एक सुरक्षा विशेषज्ञ राल्फ लेंगनर ने यह बयान दिया था कि यह वायरस इतना खतरनाक है कि इसके बारे में आम जनता को कितनी और क्या जानकारी दी जानी चाहिए, उसके बारे में गंभीरता से सोचना पड़ा है।

जहाँ जहाँ भी प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोल होते हैं, जो कि आधुनिक परिवेश में यत्र-तत्र-सर्वत्र होते हैं, पावर प्लांट, केमिकल प्लांट, रिफायनरी, सीमेंट-स्टील प्लांट, एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी स्टक्सनेट हर ऐसी जगह अटैक कर सकता है और चीजों को तहस-नहस कर सकता है। शुक्र ये है कि इसने ये सब नहीं किया।

असली समस्या आने वाले बड़े खतरों की
क्रांतिकारी किस्म के स्टक्सनेट वायरस ने विनाश किया हो या नहीं, समस्या ये नहीं है। स्टक्सनेट तो अब इतिहास की बात हो गई है, मगर इसने दिखा दिया है कि मिशन इम्पॉसिबल नहीं रह गया है। स्टक्सनेट जैसे कई वायरस हैं जो कहीं भी कुछ भी कर सकने की ताकत लेकर आने वाले हैं। किसी भी दिन किसी भी समय, घड़ी बस टिक टिक कर रही है।

स्टक्सनेट कंप्यूटरों से जुड़े प्रोग्राम लॉजिक कंट्रोलरों से नियंत्रित पम्प, मोटर, अलार्म, वॉल्व इत्यादि नियंत्रक अवयवों को नियंत्रित कर सकता है, जिससे इसकी मारक क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकता है। कास्परेस्की एंटीवायरस कंपनी के सुरक्षा विशेषज्ञ के शब्दों में - स्टक्सनेट तो साइबर आतंकवाद के लिए एक टर्निंग पाइंट की तरह है।
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वायरसों का बाप स्टक्सनेट

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