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 मजेदार शायरी

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KC sharma
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PostSubject: मजेदार शायरी    Wed Dec 15, 2010 9:56 pm

किसी शायर ने क्या खूब कहा है :
वो आती है रोज़ मेरी “कब्र”पर अपने हमसफ़र के साथ ..
कौन केहता है के “दफनाने” के बाद “जलाया” नहीं जाता..
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khan
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PostSubject: Re: मजेदार शायरी    Sat Dec 18, 2010 9:18 pm

सोचा याद न करके थोड़ा तड़पाऊं उनको!
किसी और का नाम लेकर जलाऊं उनको!
पर चोट लगेगी उनको तो दर्द मुझको ही होगा!
अब ये बताओ किस तरह सताऊं उनको!
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PostSubject: Re: मजेदार शायरी    Sat Dec 18, 2010 9:18 pm

एक दिन हमारे आंसूं हमसे पूछ बैठे!
हमे रोज़ - रोज़ क्यों बुलाते हो!
हमने कहा हम याद तो उन्हें करते हैं तुम क्यों चले आते हो!
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PostSubject: Re: मजेदार शायरी    Sat Dec 18, 2010 9:43 pm

बड़ी कोशिश के बाद उन्हें भूला दिया!
उनकी यादों को दिल से मिटा दिया!
एक दिन फिर उनका पैगाम आया लिखा था मुझे भूल जाओ!
और मुझे भूला हुआ हर लम्हा याद दिला दिया!
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PostSubject: Re: मजेदार शायरी    Sat Dec 18, 2010 10:29 pm

सारी उम्र आँखों में एक सपना याद रहा!
सदियाँ बीत गयी पर वो लम्हा याद रहा!
न जाने क्या बात थी उन मे और हम मे!
सारी महफिल भूल गए बस वही एक चेहरा याद रहा!
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PostSubject: Re: मजेदार शायरी    Sun Dec 19, 2010 4:50 pm

तुम खफा हो गए तो कोई ख़ुशी न रहेगी!
तेरे बिना चिरागों में रोशनी न रहेगी!
क्या कहे क्या गुजरेगी दिल पर!
जिंदा तो रहेंगे पर ज़िन्दगी न रहेगी!
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PostSubject: Re: मजेदार शायरी    Tue Jan 04, 2011 1:30 pm

महबूब :
ऐ यार क्यों ना आई मेरे जनाजे के पीछे
सारा जहां आया था मेरे जनाजे के पीछे
महबूबा :
ऐ यार कैसे आती तेरे जनाजे के पीछे
मेरा जनाजा था तेरे जनाजे के पीछे
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PostSubject: Re: मजेदार शायरी    Thu Jan 06, 2011 4:20 pm

तिनका तिनका तूफान में बिखरते चले गये
तनहायी की गहराइयों में उतरते चले गये
उड़ते थे जिनके सहारे आसमां में हम
एक एक करके सब बिछड़ते चले गये
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PostSubject: Re: मजेदार शायरी    Sun Jan 16, 2011 1:17 pm

अब तो यह भी नहीं नाम तो ले लेते हैं!
दामन अश्कों से भिगो लेते हैं!
अब तेरा नाम लेके रोते भी नहीं!
सुनते हैं तेरा नाम तो रो लेते हैं!
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PostSubject: Re: मजेदार शायरी    Sun Jan 30, 2011 10:20 pm

सोचा याद न करके थोड़ा तड़पाऊं उनको!
किसी और का नाम लेकर जलाऊं उनको!
पर चोट लगेगी उनको तो दर्द मुझको ही होगा!
अब ये बताओ किस तरह सताऊं उनको!
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PostSubject: Re: मजेदार शायरी    Sun Jan 30, 2011 10:21 pm

आपकी पलकों पर रह जाये कोई!
आपकी सांसो पर नाम लिख जाये कोई!
चलो वादा रहा भूल जाना हमें!
अगर हमसे अच्छा दोस्त मिल जाये कोई!
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PostSubject: Re: मजेदार शायरी    Sun Jan 30, 2011 10:22 pm

न जाने क्यों हमें आँसू बहाना नहीं आता!
न जाने क्यों हाल-ऐ-दिल बताना नहीं आता!
क्यों सब दोस्त बिछड़ गए हमसे!
शायद हमें ही साथ निभाना नहीं आता!
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PostSubject: Re: मजेदार शायरी    Sun Jan 30, 2011 10:26 pm

समझा दो अपनी यादों को!
वो बिना बुलाये पास आया करती है!
आप तो दूर रहकर सताते हो मगर!
वो पास आकर रुलाया करती है!
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PostSubject: Re: मजेदार शायरी    Sun Jan 30, 2011 10:29 pm

जाने क्या मुझसे ज़माना चाहता है!
मेरा दिल तोड़कर मुझे ही हसाना चाहता है!
जाने क्या बात झलकती है मेरे इस चेहरे से!
हर शख्स मुझे आज़माना चाहता है!
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PostSubject: Re: मजेदार शायरी    Sun Jan 30, 2011 10:36 pm

हर रिश्ते को अजमाया है हमने!
कुछ पाया पर बहुत गवाया है हमने!
हर उस शख्स ने रुलाया है!
जिसे भी हमने इस दिल में बसाया है !
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PostSubject: Re: मजेदार शायरी    Sun Jan 30, 2011 10:37 pm

कुछ लिख नहीं पाते, कुछ सुना नहीं पाते!
हाल-ऐ-दिल जुबान पर ला नहीं पाते!
वो उतर गए हैं दिल की गहराइयों में!
वो समझ नहीं पाते और हम समझा नहीं पाते!
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PostSubject: Re: मजेदार शायरी    Sun Jan 30, 2011 10:38 pm

अपनी यादों में हम तुम्हें बसाना चाहते है!
अपने पास तुम्हें हम बुलाना चाहते है!
थक गए हम तुम्हें याद करते करते!
अब हम तुम्हें याद आना चाहते है!
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PostSubject: Re: मजेदार शायरी    Sun Jan 30, 2011 10:40 pm

फिजा में महकती एक शाम हो तुम!
प्यार में छलकता जाम हो तुम!
सीने में छुपाये फिरते है हम याद तुम्हारी!
मेरी ज़िन्दगी का दूसरा नाम हो तुम!
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PostSubject: Re: मजेदार शायरी    Sun Jan 30, 2011 10:44 pm

क्यों किसी से इतना प्यार हो जाता है!
एक पल का इंतज़ार भी दुश्वार हो जाता है!
लगने लगते है अपने भी पराये!
और एक अजनबी पर ऐतबार हो जाता है!
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PostSubject: Re: मजेदार शायरी    Sun Jan 30, 2011 10:45 pm

प्यार किया था तो प्यार का अंजाम कहाँ मालूम था!
वफ़ा के बदले मिलेगी बेवफाई कहाँ मालूम था!
सोचा था तैर के पार कर लेंगे प्यार के दरिया को!
पर बीच दरिया मिल जायेगा भंवर कहाँ मालूम था!
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PostSubject: Re: मजेदार शायरी    Sun Jan 30, 2011 10:47 pm

भरी महफिल में तन्हा मुझे रहना सिखा दिया !
तेरे प्यार ने दुनिया को झूठा कहना सिखा दिया !
किसी दर्द या ख़ुशी का एहसास नहीं है अब तो !
सब कुछ ज़िन्दगी ने चुप -चाप सहना सिखा दिया !
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PostSubject: Re: मजेदार शायरी    Sun Jan 30, 2011 10:49 pm

कभी किसी से प्यार मत करना!
हो जाये तो इंकार मत करना!
चल सको तो चलना उस राह पर!
वरना किसी की ज़िन्दगी ख़राब मत करना!
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PostSubject: Re: मजेदार शायरी    Sun Jan 30, 2011 10:51 pm

दर्द से हाथ न मिलाते तो और क्या करते!
गम के आंसू न बहते तो और क्या करते!
उसने मांगी थी हमसे रौशनी की दुआ!
हम खुद को न जलाते तो और क्या करते!

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PostSubject: Re: मजेदार शायरी    Sun Jan 30, 2011 10:53 pm

याद आती है तो ज़रा खो जाते है!
आंसू आँखों में उतर आये तो ज़रा रो लेते है!
नींद तो नहीं आती आँखों में लेकिन!
वो ख्वाबों में आएंगे यही सोच कर सो लेते है!
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PostSubject: Re: मजेदार शायरी    Mon Jan 31, 2011 11:57 am

किसी के दिल में बसना कुछ बुरा तो नहीं !
किसी को दिल में बसाना कोई खता तो नहीं !
गुनाह हो यह ज़माने की नज़र में तो क्या !
ज़माने वाले कोई खुदा तो नहीं !
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